Murti Sthapna Aur Pran Pratishtha

मूर्ति स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा

देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा पूजा अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। इस विधि में मूर्ति को शुद्धिकरण, मन्त्रजाप, आवाहन एवं हवन द्वारा दिव्य ऊर्जा प्रदान कर जीवंत स्वरूप में प्रतिष्ठित किया जाता है। यह अनुष्ठान मंदिर, घर अथवा व्यावसायिक स्थल पर मूर्ति स्थापना के समय किया जाता है और इससे स्थान पर आध्यात्मिकता, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

लाभ

  • दैविक आशीर्वाद: मूर्ति में दिव्यता स्थापित होकर घर-परिवार को मंगलकारी आशीर्वाद मिलता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा: वातावरण में शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का संचार होता है।
  • धार्मिक महत्व: शास्त्रसम्मत विधि से पूजा करने पर जीवन में सद्भाव और समृद्धि बढ़ती है।
  • आध्यात्मिक संरक्षण: परिवार और स्थान पर नकारात्मक प्रभावों से रक्षा होती है।

क्या शामिल है

  • संकल्प एवं शुद्धिकरण विधि
  • आवाहन एवं मंत्रजाप
  • प्राण प्रतिष्ठा मंत्रोच्चार
  • हवन / होम अनुष्ठान
  • नैवेद्य, पुष्प, दीप, धूप अर्पण
  • आरती एवं आशीर्वचन

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